उत्तराखंड के ऋषिकेश में बजरंग सेतु के कांच वाले हिस्से की सुरक्षा बढ़ी, रेलिंग ऊंची होगी और टिकट पर विचार……..
ऋषिकेश: बजरंग सेतु के औपचारिक उद्घाटन से पहले कांच वाले हिस्से में अनावश्यक भीड़ को जाने से रोकने के लिए बीच में रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। कांच वाले हिस्से में आवागमन के लिए टिकट लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। जिससे पुल का रखरखाव सही तरीके से हो पाएगा। हालांकि, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बजरंग सेतु का निरीक्षण किया। लोनिवि के मुख्य अभियंता ओम प्रकाश ने बजरंग सेतु की इंजीनियरिंग संरचना, तकनीकी विशेषताओं एवं निर्माण के बारे में मुख्य सचिव को जानकारी दी।
पुल के बीच वाले हिस्से को आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया है। यह सीमेंट से बना है। हालांकि, अभी पुल का औपचारिक उद्घाटन नहीं हुआ है।
पुल के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर के कांच के फुटपाथ बनाए गए हैं। बीच वाले हिस्से को कांच वाले हिस्से से अलग करने के लिए करीब तीन फुट की रेलिंग लगाई गई। कई पर्यटक इसे फांदकर कांच वाले हिस्से में पहुंच रहे हैं। बीच में कांच को क्षतिग्रस्त करने का मामला भी सामने आया था।
अधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि रेलिंग को छह फुट तक ऊंचा करने की योजना है। जिससे अनावश्यक तौर पर लोग कांच वाले हिस्से में न जा पाएं। कांच वाले हिस्से में जाने के लिए भविष्य में टिकट भी रखने पर विचार किया जा रहा है।
स्थानीय निकाय या लोनिवि टिकट ले सकते हैं। इससे पुल का रखरखाव सही तरीके से हो पाएगा साथ ही अनावश्यक लोगों के आवागमन पर भी प्रतिबंध लगेगा।
अधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि कांच छह लेयर का है, जिसके टूटने की संभावना कहीं से नहीं है। कुछ लोग ईंट आदि मार रहे हैं।
लोनिवि नरेंद्रनगर के ईई प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि टिकट को लेकर अभी कोई निर्णय फाइनल नहीं हुआ है इसके लिए संभवतया उच्च स्तर पर ही चर्चा चल रही है।
इस दौरान सचिव लोनिवि पंकज कुमार पांडेय, नगर पंचायत तपोवन अध्यक्ष विनीता बिष्ट, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे आदि मौजूद रहे।
दो जिलों को जोड़ता है पुल
टिहरी जिले को पौड़ी जिले से जोड़ने वाला करीब 100 साल पुराना लक्ष्मण झूला पुल बंद होने के बाद लोक निर्माण विभाग नरेंद्रनगर ने लक्ष्मणझूला पुल के समीप वर्ष 2022 में बजरंग सेतु का निर्माण शुरू किया गया था।
पुल 132.30 मीटर लंबा और बीच में पांच मीटर चौड़ा है। पुल के दोनों ओर डेढ़, डेढ़ मीटर के कांच के फुटपाथ बनाए गए है। 65 मिमी की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का लगाया गया है। जिसमें नीचे गंगा नजर आती है।
कुछ समय पहले पुल की भार क्षमता नापने को बीच के हिस्से में 50 मैक्स वाहन खड़े कराए गए थे। कांच वाले हिस्से में भी रेत, सीमेंट की बोरी रखकर भार क्षमता परखी गई थी।
जिससे पुल तकनीकी रूप से ठीक मिला। अब पुल को औपचारिक तौर पर खोलने से पहले शासन स्तर से भी कवायद शुरू कर दी गई है।


