दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे से 24 घंटे में वापस लौटे तो बचेगा 25 फीसदी टोल, जानिए कितना लगेगा टैक्स……..

देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को दिल्‍ली से देहरादून तक बने ग्रीन फील्‍ड एक्‍सप्रेस का शुभारंभ करेंगे। 213 किलोमीटर का जो सफर पहले छह घंटे में तय होता था, वह अब करीब ढाई घंटे में पूरा हो जाएगा। लेकिन वाहन चालकों को इसके लिए ज्‍यादा टोल टैक्‍स चुकाना पड़ेगा। एनएचएआई ने दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे के लिए टोल दरें निर्धारित कर दी हैं।

पुराने रूट से अगर कोई वाहन चालक दिल्‍ली से देहरादून जाता था तो उसे टोल के रूप में 445 रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब एक्‍सप्रेसवे के जरिये एक तरफ का टोल 675 रुपये का पड़ेगा। अगर कोइ यात्री 24 घंटे के भीतर वापस आता है तो उसे दोनों तरफ के लिए 1010 रुपये का टोल टैक्‍स देना पड़ेगा। इस तरह एक दिन की यात्रा करने वाले 340 रुपये की बचत कर सकेंगे।

सालाना 950 करोड़ की होगी कमाई
एनएचएआई का अनुमान है कि दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे पर ट्रैफिक के दबाव से सालाना 900 से 950 करोड़ की कमाई होगी। इस हिसाब से प्रोजेक्‍ट की मूल लागत निकालने में 13 साल का समय लग जाएगा। छह लेन का दिल्ली देहरादून एक्‍सप्रेसवे छह लेन का एक्‍सेस कंट्रोल्‍ड कॉरिडोर करीब 12 हजार करोड़ की लागत से तैयार हुआ है।

कारों के लिए टोल की दरें
दिल्‍ली से काठा (बागपत) 235 रुपये, 24 घंटे में वापस आने पर 350 रुपये
दिल्‍ली से रसूलपुर (सहारनपुर) 420, एक दिन में वापसी पर 630 रुपये
दिल्‍ली से सैयद माजरा (सहारनपुर) 530 रुपये, 24 घंटे में वापसी पर 790 रुपये
दिल्‍ली से देहरादून 675 रुपये, एक दिन के अंदर वापस लौटने पर 1010 रुपये

जंगल से गुजरते हुए हॉर्न बजाने पर रहेगी पाबंदी
परिवहन विभाग का स्‍पष्‍ट निर्देश है कि एक्‍सप्रेसवे पर गाड़ी रोकना, मोड़ना और जंगल के बीच गुजरते हुए हॉर्न बजाना बिल्‍कुल मना है। एक्‍सप्रेसवे पर आने वाले यात्रियों को अपने एंट्री और एग्जिट पाइंट पहले से तय करने होंगे। बीच रास्‍ते में रुकना, वाहन मोड़ना और गलत दिशा में चलना प्रतिबंधित है। नियमों का उल्‍लंघन करने पर इलेक्‍ट्रॉनिक कैमरों के माध्‍यम से चालान किया जा सकता है।