उत्तराखंड में 85 सुरंगों से गुजरेगी यह रेल लाइन, ऋषिकेश से करणप्रयाग तक हिमालयी कनेक्टिविटी देने को तैयार……..
देहरादून: मुरादाबाद रेल मंडल के ऋषिकेश से करणप्रयाग रेल लाइन के बीच काम चल रहा है. जिसका कुछ काम पूरा हो चुका है और कुछ काम बाकी है. यहां 125 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन, जिसे लगभग 37,000 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है. यह परियोजना उत्तराखंड के पांच जिलों देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली से होकर गुजरती है।
मुरादाबादः मुरादाबाद रेल मंडल के ऋषिकेश से करणप्रयाग रेल लाइन के बीच काम चल रहा है. जिसका कुछ काम पूरा हो चुका है और कुछ काम बाकी है. यहां 125 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन, जिसे लगभग 37,000 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है. यह परियोजना उत्तराखंड के पांच जिलों देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली से होकर गुजरती है. जिससे पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत होगी.रेल मार्ग का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है. जिससे यह देश के सबसे ज्यादा सुरंगों वाले रेलवे प्रोजेक्ट्स में से एक है।
ऋषिकेश से करणप्रयाग तक बिछ रही लाइन
मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि योग नगरी ऋषिकेश स्टेशन से करणप्रयाग तक तकरीबन 120 किलोमीटर से ज्यादा का एक नया ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है. इसमें 16 मेजर टनल है. उनका काम पूरा हो चुका है. बाकी ट्रैक बिछाने का काम और उसके साथ जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर का काम है. वह बहुत जल्द ही शुरू हो जाएगा. हम उम्मीद कर सकते हैं कि आने वाले 1 से 2 साल में काम कंप्लीट होकर इसकी सौगात मिल जाएगी. जिससे जल्द ही लोग पहाड़ों के बीच और सुरंग के बीच ट्रेन में सफर कर सकेंगे और सुरंग के बीच चलने वाली ट्रेन का आनंद ले सकेंगे। इस प्रोजेक्ट का काम तीव्र गति से चल रहा है।
16 सुरंगों के बीच गुजरेगी ट्रेन
यह काफी बड़ा प्रोजेक्ट है. जिसको लेकर इसमें कई सुरंगे भी आ रही है. इसमें करीब 16 सुरंगे हैं. इन सभी सुरंगों का बहुत ही आधुनिक तरीके से निर्माण किया गया है. साथ ही साथ सुरक्षा का भी ध्यान रखा जा रहा है. इसलिए जितनी भी सुरक्षा के नियम है. उनको फॉलो करते हुए यह काम किया जा रहा है. जिससे लोगों को इसकी सौगात मिल सके और लोग पहाड़ों पर भी ट्रेन का लुत्फ उठा सके।


