उत्तराखंड में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, बनेंगे 196 नए पार्किंग स्थल; 618 करोड़ की परियोजनाओं पर काम शुरू…….
देहरादून: राज्य में पर्यटन और तीर्थाटन की गतिविधियां तेजी से पंख पसार रही हैं। जिस कारण वाहनों की बढ़ती संख्या शहरों में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।
खासकर चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन और छुट्टियों के दौरान देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल, मसूरी और अन्य प्रमुख नगरों में वाहनों का भारी दबाव देखने को मिलता है।
इस चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार ने बजट में एक बड़ी योजना का प्रविधान किया है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न शहरों में बड़े पैमाने पर पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
सरकार ने सुनियोजित तरीके से पूरे राज्य में 196 नये वाहन पार्किंग स्थलों का चयन किया है।
इन पार्किंग स्थलों को अलग-अलग आधुनिक स्वरूपों में विकसित किया जाएगा, ताकि सीमित स्थान में अधिक वाहनों की पार्किंग संभव हो सके और शहरों की सड़कों पर लगने वाले जाम को कम किया जा सके।
अलग-अलग प्रकार की पार्किंग की योजना
सरकार ने चिह्नित किए गए 196 स्थानों में चार प्रकार की पार्किंग परियोजनाएं विकसित करने की योजना बनाई है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य शहरों में सड़क किनारे खड़े वाहनों को व्यवस्थित तरीके से पार्किंग स्थलों में स्थानांतरित करना है, जिससे यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।
66 स्थानों पर सरफेस पार्किंग
112 स्थानों पर मल्टीलेवल कार पार्किंग
09 स्थानों पर आटोमेटेड कार पार्किंग
09 स्थानों पर टनल पार्किंग बनेंगी
150 परियोजनाओं की डीपीआर तैयार
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब तक 196 में से 150 पार्किंग परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है।
इनमें से लगभग 618 करोड़ रुपये की 114 परियोजनाओं पर काम भी शुरू किया जा चुका है। इसके अलावा विकास प्राधिकरणों द्वारा अपने वित्तीय संसाधनों से लगभग 296 करोड़ रुपये की 11 परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश के प्रमुख शहरों में पार्किंग व्यवस्था काफी हद तक सुधरने की उम्मीद है।
पार्किंग योजना से मिलेगी बड़ी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य के प्रमुख शहरों में आधुनिक मल्टीलेवल और आटोमेटेड पार्किंग विकसित हो जाती हैं, तो इससे न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी, बल्कि शहरों की यातायात व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
साथ ही पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को भी सुरक्षित और व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक बन सकेगी।
स्मार्ट शहरों की दिशा में कदम
राज्य सरकार की यह पहल उत्तराखंड के शहरों को बेहतर शहरी आधारभूत ढांचे से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पार्किंग सुविधाओं के विस्तार से शहरों में ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूती मिलेगी और भविष्य में बढ़ने वाले वाहनों के दबाव से निपटना भी आसान होगा।
सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक नियंत्रित हो सकेगी और नागरिकों के साथ-साथ पर्यटकों को भी राहत मिलेगी।


